लोग केवे के दिखण में गोरी है
भायला थारी सगी रंगीली है
मिश्री घोळर गीत गावे ब्यांव में
गीत गावे प्रेम रा गीतारी है
लूतरा केवे मने जद प्रेम सूं
यार लागे आ सगी मोजीली है
भोळी है पण तेज है बोलण में औ'
सुस्त सागे थोडी सी खोडीली है
आंख में मीठी शरम औ' होठ पर
मौजीली होळी री फीटी गाळी है
बात सुण लो थे सगो जी आज तो
आ सगी केवे सगो जी पेली है
कुमार अहमदाबादी
राजस्थान रा रंग निराळा है। राजस्थान कला री, वीरों री, दानवीर धरमवीर सेठों री, सत धारण करयोडी सती लुगायां री धरती है। राजस्थान री धरती पर जलम लियोडा एक विख्यात कवि अभिनेता केया करे के, राजस्थान रो आदमी राजस्थान सूं बार जा सके पण राजस्थान बी आदमी रे कळेजे सूं बार को जा सकेनी।
रविवार, 30 जुलाई 2023
सगी रंगीली है(राजस्थाजी गज़ल)
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