शनिवार, 18 दिसंबर 2021

भोळे रो भजन


 

भोळे राजा आई मैं लायी थांरे वास्ते

काजू पिस्ता अंगूर रो रस थांरे वास्ते

भोळे राजा......


भोळेराजा करो ना नखरा थे आवोनी 

किती देर रेसो रुठ्योडा पूछे है भोळी

भोळे राजा........


भोळा नाथ लेवों आज सागे ठंडाई

काजू बदाम अंगूर में घोटी है ठंडाई

भोळे राजा........


ले'र ठंडाई प्रेम जगत में घूमने चालों 

कलपना री दुनिया में मस्ती सूं नाचों

भोळे राजा........

*कुमार अहमदाबादी*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें