भोळे राजा आई मैं लायी थांरे वास्ते
काजू पिस्ता अंगूर रो रस थांरे वास्ते
भोळे राजा......
भोळेराजा करो ना नखरा थे आवोनी
किती देर रेसो रुठ्योडा पूछे है भोळी
भोळे राजा........
भोळा नाथ लेवों आज सागे ठंडाई
काजू बदाम अंगूर में घोटी है ठंडाई
भोळे राजा........
ले'र ठंडाई प्रेम जगत में घूमने चालों
कलपना री दुनिया में मस्ती सूं नाचों
भोळे राजा........
*कुमार अहमदाबादी*