शनिवार, 18 दिसंबर 2021

भोळे रो भजन


 

भोळे राजा आई मैं लायी थांरे वास्ते

काजू पिस्ता अंगूर रो रस थांरे वास्ते

भोळे राजा......


भोळेराजा करो ना नखरा थे आवोनी 

किती देर रेसो रुठ्योडा पूछे है भोळी

भोळे राजा........


भोळा नाथ लेवों आज सागे ठंडाई

काजू बदाम अंगूर में घोटी है ठंडाई

भोळे राजा........


ले'र ठंडाई प्रेम जगत में घूमने चालों 

कलपना री दुनिया में मस्ती सूं नाचों

भोळे राजा........

*कुमार अहमदाबादी*

आज जासी(गज़ल)

आज जासी काल आसी

काल नूंवो साल आसी


बात समझो घाव लाग्यों

खून सब'रे लाल आसी


सुण जवानी आज थारे

होंठ कन्ने गाल आसी 


तीर जद जद बो चलासी

तीर सामे ढाल आसी


प्रेम सूं हेलो करियों

धोती पेर'र लाल आसी

कुमार अहमदाबादी 



प्रेम सूं (गज़ल)

प्रेम करणो प्रेम सूं 

और करणो नेम सूं 


बाबु थे सोनार हो

मोह राखो हेम सूं 


ब्हेम रो इलाज है?

दूर रैणो ब्हेम सूं 


जॉन जीमण वास्ते 

पोंच जाणो टेम सूं


भायलों सूं रोज मिल

लालजी सूं खेम सूं 

कुमार अहमदाबादी 

गुरुवार, 16 दिसंबर 2021

तोल रो खेल(राजस्थानी गज़ल)

तोल रो है खेल सगळो

बोल रो है खेल सगळो


फूल पत्ती केरी मींडी

गोळ रो है खेल सगळो


देख ले खोटी चमक ने

झोळ रो है खेल सगळो


एक आवे एक जावे

छोळ रो है खेल सगळो

कुमार अहमदाबादी

बुधवार, 15 दिसंबर 2021

बातां कर (मुक्तक)

सीधी सादी बातां कर  

खारी, मोळी बातां कर 

थारी मारी सगळां री 

चरकी मीठी बातां कर

कुमार अहमदाबादी

बात केवणी है(गज़ल)

बात इती केवणी है

चार दिन री चांदणी है


आ सुरीली मस्त पायल 

छम छमाछम बाजणी है


फूटरी शर्मिली चंचळ

बीनणी ने लावणी है


दूध देवे गाय इरी

लात म्हारे खावणी है


रोज क्यों आ बंध रेवे

लिफ्ट आ सतमासणी है


मान जा तूं थोडी कर कर

बो'त मीठी चासणी है

कुमार अहमदाबादी